Friday, August 28, 2009

शुरुआत.......

गजानन माधव "मुक्तिबोध" की इस कविता के साथ अपने blog की शुरुआत कर रहा हूँ...........

मैं बहुत दिनों से ,बहुत दिनों से
बहुत-बहुत-सी बातें तुमसे चाह रहा था कहना
और कि साथ-साथ यों साथ-साथ
फिर बहना बहना बहना
मेघों की आवाजों से
कुहरे की भाषाओँ से
रंगों के उद्भासों से ज्यों नभ का कोना-कोना
है बोल रहा धरती से
जी खोल रहा धरती से
त्यों चाह रहा कहना
उपमा संकेतों से
रूपक से, मौन प्रतीकों से

मैं बहुत दिनों से बहुत-बहुत सी बातें
तुमसे चाह रहा था कहना !
जैसे मैदानों को आसमान,
कुहरे की, मेघों की भाषा त्याग
बिचारा आसमान कुछ
रूप बदलकर, रंग बदलकर कहे..........

blog का नाम "तत् त्वम् असि...." सुझाने के लिये.. फ़रीद भाई का धन्यवाद.....

आपके सुझाव , सहयोग और आशिर्वाद अपेक्षित...........

सादर समर्पित
तत् त्वम् असि....